गन्ने के भुगतान को लेकर भाकियू (अ) के जिलाध्यक्ष ने तहसीलदार को सौपा ज्ञापन। बताते चले कप्तानगंज चीनी मिल बिना किसानों को बताये ही बन्द कर दिया गया जो किसान हित मे बिल्कुल नही है। एक तरफ तो सरकार दावा कर रही है कि हम किसानों की आय दुगुनी कर देंगें दूसरे तरफ किसानों के गन्ने का भुगतान 14 दिन में सरकार कराने में असफल, असहाय और विफल नजर आ रही है जो यह दर्शाता है कि किसानों की हितैषी कहलाने वाली योगी सरकार किसान हित की बात करके सिर्फ दिखावा कर रही है। उक्त बातें भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) की जिला इकाई, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह एक ज्ञापन अहमद फरीद खान, तहसीलदार, कप्तानगंज को सौपते हुए बताया है। आगे जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने माँग किया है कि जबतक कप्तानगंज चीनी मिल अपने जोन के किसानों का गन्ना पेराई नही कर लेता है तबतक बन्द नही होना चाहिए साथ ही साथ कप्तानगंज चीनी मिल द्वारा गन्ने का भुगतान पेराई सत्र 2020-21 का मात्र तीन दिन का एडवाइस बैंको में भेजा गया है और कप्तानगंज जोन के किसानों के गन्ने का भुगतान लगभग पैतीस करोड़ रूपये मिल के ऊपर अभी बकाया है। किसानों के गाढ़ी कमाई का रुपया मिल मालिक द्वारा उनके खातों में अभी तक नही भेजवाया गया जो किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। अन्त में जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह ने बताया है कि यदि दोनों माँगों के ऊपर कप्तानगंज चीनी मिल द्वारा थोडा भी हिल्ला हवाली किया गया तो हमारा यूनियन अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने पर विवश होगा जिसका पूरा श्रेय शासन प्रशासन को जायेगा।
गन्ने के भुगतान के लिए तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन:रामचंद्र सिंह(अध्यक्ष)भा0क़ि0यू0(अ)